
*Read in English: Exercises to Do After Knee Replacement & What to Avoid
कुल घुटना प्रत्यारोपण सर्जरी (टोटल नी रिप्लेसमेंट) के बाद आप बिना दर्द के जल्द से जल्द सामान्य जीवनशैली में लौटना चाहेंगे। और यह स्वाभाविक भी है, क्योंकि आपने सर्जरी इसी उद्देश्य से करवाई है।
हालाँकि, इसके लिए थोड़े धैर्य की आवश्यकता होती है। डॉक्टर द्वारा बताए गए व्यायामों का पालन करना और जिन चीज़ों से मना किया गया है, उनसे बचना आपको जल्दी ठीक होने में मदद करता है और बेहतर परिणाम भी सुनिश्चित करता है।
आधुनिक तकनीकों, जैसे रोबोटिक नी रिप्लेसमेंट, की मदद से आप सर्जरी के 24 घंटे के भीतर चलना शुरू कर सकते हैं। लेकिन पूरी तरह से ठीक होने में लगभग 30–45 दिन लग सकते हैं।
इस ब्लॉग में हम उन व्यायामों के बारे में जानेंगे जिन्हें आपको घुटने की सर्जरी के बाद करना चाहिए, और साथ ही किन चीज़ों से बचना चाहिए। इसका उद्देश्य रिकवरी प्रक्रिया को तेज करना है, ताकि आप जल्द ही अपनी दैनिक गतिविधियों में लौट सकें।
घुटना प्रत्यारोपण के बाद करने वाले व्यायाम
घुटना प्रत्यारोपण सर्जरी के बाद पुनर्वास, फिजियोथेरेपी और व्यायाम सर्जरी जितने ही महत्वपूर्ण होते हैं। सही व्यायामों की कमी से कमजोरी, जकड़न और लंबी रिकवरी हो सकती है, जो नए घुटने की दीर्घकालिक कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकती है।
रिकवरी के अलग-अलग चरणों के लिए अलग-अलग व्यायाम होते हैं। इसलिए इन्हें धीरे-धीरे करें और यदि तेज दर्द, सूजन या अस्थिरता महसूस हो तो तुरंत रोक दें।
यहाँ कुछ ऐसे व्यायाम दिए जा रहे हैं जो ताकत, लचीलापन और चलने की क्षमता वापस लाने के लिए फिजियोथेरेपिस्ट अक्सर सुझाते हैं।
| क्र. | व्यायाम का नाम | व्याख्या | कैसे करें | लाभ |
| 1 | एंकल पंप्स (Ankle Pumps) | अक्सर घुटने की सर्जरी के बाद किया जाने वाला पहला व्यायाम — रक्त प्रवाह बढ़ाने और खून के थक्के बनने से रोकने के लिए। | ➡आरामदायक स्थिति में बैठें या लेटें ➡ पैरों को ऊपर-नीचे पंप करने जैसी गति में हिलाएँ ➡ 15–20 की सेट में, दिन में कई बार करें | ➡ रक्त संचार में सुधार ➡ सूजन कम करता है ➡ डीप वेन थ्रोम्बोसिस (DVT) से बचाव |
| 2 | क्वाड्रिसेप्स सेट्स (Quadriceps Sets) | जांघ की मांसपेशियों को मजबूत करने और घुटने की स्थिरता बढ़ाने में मदद करते हैं। | ➡ जांघ की सामने वाली मांसपेशियों को कसते हुए घुटने को 5 सेकंड तक दबाएँ ➡ 10–15 बार दोहराएँ | ➡ घुटने की ताकत और स्थिरता बढ़ती है ➡ जकड़न कम होती है ➡ घुटने को सीधा करने में मदद |
| 3 | स्ट्रेट लेग रेज़ (Straight Leg Raises) | घुटने पर दबाव डाले बिना मांसपेशियों की ताकत बढ़ाने के लिए — ताकि चलने की तैयारी हो सके। | ➡ लेटें, ऑपरेटेड पैर सीधा रखें और दूसरा पैर मोड़ा हुआ रखें ➡ सीधे पैर को धीरे-धीरे ऊपर उठाएँ ➡ कुछ सेकंड रोकें, फिर नीचे लाएँ ➡ 10–12 बार दोहराएँ | ➡ जांघों को मजबूत करता है ➡ घुटने पर नियंत्रण बढ़ाता है ➡ घुटने की गति सुधारता है |
| 4 | हील स्लाइड्स (Heel Slides) | घुटने को मोड़ने और लचीलापन बढ़ाने के लिए — ताकि बैठना और सीढ़ियाँ चढ़ना आसान हो सके। | ➡ पीठ के बल लेटें ➡ एड़ी को धीरे-धीरे शरीर की ओर खिसकाएँ ➡ जितना आराम से हो सके, घुटना मोड़ें ➡ फिर पैर सीधा करें ➡ 10–15 बार दोहराएँ | ➡ घुटने की मूवमेंट रेंज बढ़ती है ➡ जकड़न कम होती है |
| 5 | नी एक्सटेंशन स्ट्रेच (Knee Extension Stretch) | घुटने को पूरी तरह सीधा करने में मदद के लिए। | ➡ टखने के नीचे मुड़ा हुआ तौलिया रखें ➡ घुटने को अपने-आप सीधा होने दें ➡ 20–30 सेकंड तक रोकें | ➡ घुटने की एलाइनमेंट सुधरती है ➡ जकड़न कम होती है ➡ चलने की शैली (गेट) में सुधार |
| 6 | बैठकर घुटना मोड़ना (Seated Knee Bends) | बैठने की स्थिति में घुटने की मूवमेंट और आराम बढ़ाने के लिए। | ➡ कुर्सी पर बैठें, पैर जमीन पर रखें ➡ धीरे-धीेरे पैर को पीछे की ओर खिसकाएँ ➡ जितना आराम से हो सके, मोड़ें ➡ 10–15 बार दोहराएँ | ➡ घुटने की मोड़ने की क्षमता बढ़ती है ➡ बैठना-उठना अधिक आरामदायक बनता है |
| 7 | खड़े होकर घुटना मोड़ना (Standing Knee Bends) | हैमस्ट्रिंग मांसपेशियों को मजबूत करने और चलने की क्षमता बढ़ाने के लिए। | ➡ सहारे के लिए कुर्सी या दीवार के पास खड़े हों ➡ धीरे-धीरे घुटने को पीछे की ओर मोड़ें ➡ पैर को धीरे-धीरे नीचे लाएँ ➡ 10–12 बार दोहराएँ | ➡ हैमस्ट्रिंग मांसपेशियाँ मजबूत होती हैं ➡ संतुलन बेहतर होता है ➡ चलना अधिक सहज होता है |
| 8 | चलना (Walking) | रिकवरी के लिए सबसे अच्छे व्यायामों में से एक (लेकिन अन्य डॉक्टर-द्वारा सुझाए गए व्यायाम भी करते रहें)। | ➡ शुरुआत में वॉकर की मदद से घर के अंदर चलें ➡ धीरे-धीरे दूरी बढ़ाएँ | ➡ सहनशक्ति बढ़ती है ➡ संतुलन सुधरता है ➡ आत्मविश्वास लौटता है |
| 9 | तैराकी (Swimming) | बहुत अच्छा लो-इम्पैक्ट व्यायाम (जब घाव पूरी तरह भर जाए और डॉक्टर की अनुमति मिल जाए)। | ➡ हल्की तैराकी से शुरुआत करें ➡ धीरे-धीरे तीव्रता और समय बढ़ाएँ ➡ तैरने से पहले वार्म-अप और बाद में कूल-डाउन करें ➡ सही तकनीक अपनाएँ | ➡ मांसपेशियों की मजबूती ➡ मूवमेंट रेंज में सुधार |
| 10 | स्टेशनरी साइक्लिंग (Stationary Cycling) | फिजियोथेरेपिस्ट की अनुमति मिलने पर साइक्लिंग घुटने की मूवमेंट बढ़ाने में मदद करती है। | ➡ शुरुआत में 5–10 मिनट, कम या बिना प्रतिरोध के ➡धीरे-धीरे समय और प्रतिरोध बढ़ाएँ, जब तक 20–30 मिनट बिना दर्द के कर सकें | ➡ लो-इम्पैक्ट व्यायाम ➡ लचीलापन बढ़ाता है ➡ मांसपेशियों को मजबूत करता है |
सामान्य तौर पर, आपको कम प्रभाव वाली शारीरिक गतिविधियों को अपनाना चाहिए। यह डॉक्टर और फिजियोथेरेपिस्ट द्वारा बताए गए व्यायामों के अतिरिक्त होना चाहिए। इससे घुटने की लंबी उम्र में मदद मिलती है।
घुटना प्रत्यारोपण के बाद किन चीज़ों से बचें
जहाँ स्ट्रेचिंग और मजबूती वाले व्यायाम रिकवरी के लिए जरूरी हैं, वहीं कुछ गतिविधियों से बचना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। नए घुटने की सुरक्षा करना भी उतना ही जरूरी है जितना व्यायाम करना।
1. हाई-इम्पैक्ट गतिविधियाँ
दौड़ना, कूदना या तीव्र एरोबिक्स से बचें। इससे कृत्रिम जोड़ पर अधिक दबाव पड़ता है और उसकी उम्र कम हो सकती है।
2. घुमावदार मूवमेंट
अचानक मुड़ना घुटने पर दबाव डाल सकता है। ध्यान रखें कि केवल घुटने को मोड़ने की बजाय पूरे शरीर को घुमाएँ।
3. लंबे समय तक बैठना
सक्रिय रहें। लगातार लंबे समय तक बैठने से जकड़न और सूजन हो सकती है। हर 30–45 मिनट में उठकर थोड़ा चलें या स्ट्रेच करें।
4. भारी वजन उठाना
भारी वजन उठाने से घुटने पर दबाव बढ़ता है। इसलिए घुटने पर अनावश्यक तनाव से बचने के लिए भारी वस्तुएँ न उठाएँ।
5. फिजियोथेरेपी छोड़ना
सर्जरी के बाद फिजियोथेरेपी सबसे महत्वपूर्ण होती है — ऐसा कहना है डॉ. गगनदीप सिंह सचदेवा, चीफ रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन एवं सीईओ, सोहाना हॉस्पिटल, मोहाली का। नियमित फिजियोथेरेपी आपकी रिकवरी को तेज करती है। इसके विपरीत, इन व्यायामों को छोड़ने से रिकवरी धीमी हो सकती है और नए घुटने की लचीलापन कम हो सकती है।
बेहतर परिणाम के लिए रिकवरी टिप्स
- अपनी फिजियोथेरेपी योजना का बिना एक भी सत्र छोड़े पालन करें
- डॉक्टर द्वारा बताई गई सभी दवाएँ समय पर लें
- सूजन के लिए घुटने को ऊँचा रखें और बर्फ का उपयोग करें
- तेजी से भरने के लिए प्रोटीन-युक्त आहार लें
- स्वस्थ वजन बनाए रखें
- अपने शरीर की सुनें और अधिक मेहनत से बचें
*नोट: याद रखें, रिकवरी में समय लगता है। धैर्य रखें और सकारात्मक बने रहें। सोहाना हॉस्पिटल के अधिकांश मरीज 4–6 हफ्तों के भीतर काफी सुधार महसूस करते हैं और 2–3 किलोमीटर तक चलना, घर का काम करना, आत्मविश्वास से गाड़ी चलाना, बागवानी करना और अपनी पसंदीदा गतिविधियाँ करना शुरू कर देते हैं।
अंतिम विचार
घुटना प्रत्यारोपण सर्जरी दर्द-मुक्त चलने-फिरने के लिए तेजी से पसंदीदा विकल्प बनती जा रही है। सही व्यायाम आपकी मांसपेशियों को मजबूत करते हैं, नए घुटने के जोड़ की रक्षा करते हैं और आपको सक्रिय जीवनशैली में लौटने में मदद करते हैं। सफलता की कुंजी है नियमितता, जोखिम भरी गतिविधियों से बचाव और पुनर्वास प्रक्रिया पर भरोसा।
सोहाना हॉस्पिटल के अनुभवी आर्थोपेडिक विशेषज्ञों और फिजियोथेरेपिस्ट के सही मार्गदर्शन से आप फिर से चल सकते हैं, सीढ़ियाँ चढ़ सकते हैं और जीवन का आनंद ले सकते हैं।
यदि आप या आपका कोई प्रियजन घुटने की समस्या से जूझ रहा है, तो चंडीगढ़ के बेहतरीन घुटना विशेषज्ञ से परामर्श के लिए सोहाना हॉस्पिटल जाएँ। या यदि आपकी सर्जरी हो चुकी है, तो तेज रिकवरी के लिए विशेषज्ञ फिजियोथेरेपिस्ट और आर्थोपेडिस्ट से विश्वसनीय सलाह लें।
अपनी उन्नत रोबोटिक तकनीक के साथ, यह अस्पताल लगभग बिना दर्द वाली घुटना प्रत्यारोपण सर्जरी के क्षेत्र में अग्रणी है, जिससे मरीज जल्दी चल पाते हैं और तेजी से स्वस्थ होते हैं।
